Home » Layout A, A1, A2, A3

Layout A (with pagination)

धरती से

ब्रेवहार्ट

उनकी ख़ुद की ज़िंदगी की शुरुआत एक ऐसे अंधेरे से हुई थी जहां केवल और केवल संघर्ष था, तिरस्कार था, अभाव था। लेकिन वो उस स्याह ज़िंदगी से उठ खड़ी हुईं और ना केवल अपने हिस्से का उजाला हासिल किया बल्कि समाज के बिल्कुल अलग-थलग पड़े हिस्से की बच्चियों के लिए भी नया सवेरा बन रही हैं। आज इंडिया...

Read More
स्टार्ट अप

कौन कहता है आसमां में सुराख़ हो नहीं सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों

गुरुग्राम की रहने वाली समीरा सतीजा ऐसी ही एक सिटीजन वॉलेंटियर हैं जिन्होंने आसमान में सुराख़ करने का काम कर दिखाया है। दिल्ली में पैदा हुई, यहीं पढ़ी और दिल्ली के लेखा परीक्षा विभाग में कार्यरत समीरा अपने परिवार के साथ रहती हैं। अपनी व्यस्त ज़िंदगी के बीच से समय निकालकर समीरा वेस्ट...

Read More
धरती से

ख़ुद ‘भटक’ कर दूसरों को राह दिखाते दीपक

कहते हैं नानी-दादी के नुस्ख़े कई बीमारियों को रफ़ूचक्कर कर देते हैं। वैद्य और गुणियों की जड़ी-बूटियां असाध्य रोगों को भी साध लेती हैं लेकिन आगे बढ़ने की अंधी दौड़ में हम अपने पुरखों के इन बेशक़ीमती ख़ज़ानों को खोते जा रहे हैं। लेकिन हममें से ही कई ऐसे भी लोग हैं जो इन्हें बचाने, इन्हें...

Read More
बंदे में है दम

‘नई ज़िंदगी’ देने वाला अर्थलिंग ट्रस्ट

आपने कभी सड़क किनारे पड़े किसी घायल कुत्ते को देखा है या किसी ऐसे डॉगी को देखा है जो कभी किसी का पालतू रहा और उसके बीमार या बूढा होने पर उसे पालने वाले ने उसे सड़क पर छोड़ दिया हो। हम अक्सर ऐसे डॉगी को देखते हैं और फ़िर नज़रें फेर कर आगे बढ़ जाते हैं, उन्हें उसी हालात में छोड़ कर। आज...

Read More
बंदे में है दम

सुर्डी गांव की जल क्रांति

आज इंडिया स्टोरी प्रोजेक्ट पर हम एक ऐसे गांव की कहानी लेकर आए हैं जिसने अपने दम पर अपनी तक़दीर बदल डाली। ये कहानी है महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले के सुर्डी गांव की। ज़िला मुख्यालय से 51 किलोमीटर दूर बसे इस गांव ने बदहाली से ख़ुशहाली तक का ऐसा सफ़र तय किया जिसकी धूम दिल्ली तक सुनाई दी। बिन...

Read More