धरती बचाने का संकल्प लेकर एक युवा निकल पड़ा 25 सौ किलोमीटर से भी लंबी यात्रा पर। ये युवा 100-200 नहीं 1000 से ज़्यादा पौधों के बीज रोप कर लौटा है। उम्मीद है कि...
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एक समय था जब ज़्यादातर घरों में मोटे अनाज का इस्तेमाल किया जाता था। धीरे-धीरे ये अनाज हमारे कथित विकास की रफ्तार की भेंट चढ़ते गए। नए और हाइब्रिड फसलों ने उनकी...
वो देख नहीं सकती, लेकिन उसके मधुर सुर हर किसी को अपना दिवाना बना रहे हैं। बचपन से ही दृष्टिबाधित नेहा आज पूरे उत्तराखंड में गायिकी से अपनी पहचान बना चुकी हैं।...
शायद ही कोई शख़्स होगा जिसे परिंदों की मीठी बोली ना भाती हो। उनकी चहचहाहट हमें प्रकृति के और नज़दीक ले जाती हैं। लेकिन आज पेड़ों के लगातार कटने से इन परिंदों...
